अनुकूलन (एक्लिमेशन)
रोशनी, तापमान या आर्द्रता के नए स्तर के प्रति पौधे की पत्तियों और ऊतकों का शारीरिक समायोजन; रोशनी के मामले में इसका अर्थ अक्सर नई परिस्थितियों के लिए बनी नई पत्तियाँ पैदा करना होता है।
आपके पौधों के लिए इसका अर्थ
रोशनी 1–2 हफ़्तों में चरणों में बढ़ाएँ, जैसे पहले सुबह की दो-तीन घंटे की हल्की धूप, फिर ज़्यादा देर तक। छाया में बनी पत्तियों की उपत्वचा (क्यूटिकल) पतली होती है और उनमें सुरक्षात्मक रंजक कम होते हैं, इसलिए 20,000–50,000 लक्स की सीधी धूप में अचानक ले जाने पर वे एक ही दिन में फीकी पड़ सकती हैं या झुलस सकती हैं। भारत की गर्मियों में पश्चिमी या दक्षिणी खिड़की पर यह नुकसान और भी जल्दी होता है।
उत्तर दिशा वाले कमरे से दक्षिणी खिड़की पर ले जाया गया मॉन्स्टेरा सिल पर रखे जाने से पहले एक हफ़्ता शीशे से एक मीटर पीछे बिताता है।
इसे अमल में लाएँ
तेज़ अप्रत्यक्ष रोशनी का अर्थ समझें, पौधे तक पहुँचने वाली रोशनी जाँचें और खिड़कियों, मौसम तथा बढ़वार में बदलाव के अनुसार उसकी जगह बदलें।
तेज़ अप्रत्यक्ष रोशनी: घर के पौधों के लिए सही जगह कैसे चुनें